सपनें

बचपन में जो देखे थे सपनें
वह समय के साथ बह गए
अब कल जो देखे हैं सपनें
वह भी ख्वाब रह जायेंगे
क्या नहीं देखे सपनें ?
क्या जीवन सपनों के बिना अधूरा है ?

कुछ

इतना ज़हर मत दो की मैं तड़पता ज़िंदा रहूँ
इतनी दवा मत दो की मैं तड़पता मर जाऊ ॥

ज़हर

तुम्हारे दिल का जो ज़हर है,
इसका बहुत बड़ा कहर है
छोटी छोटी चिंगारियां उठती है,
जो मिलकर एक दिन सब भस्म कर देती है ॥

Maut

यह मेरी लाश पड़ी हुई है ,
चंद लोगों की भीड़ जमा हुई है
अब सवालों के बोझ से हर सांस नहीं लेनी पड़ेगी ,
पर जवाबों से मुलाकात की गुंजाइश नहीं रही है
अब हसने के मौके भी नहीं रहे ,
न गम के आसूं बहाने के मौके रहे
अब हर रोज़ बैंक बैलेंस की चिंता नहीं करनी ,
बेचारे जो ज़िंदा है उनकी कश्मकश चलती रहेगी
यह कैसी दुनिया रची है इंसानों ने
एक को २५ करोड़ में नवाज़ा जाता है
पर जो दिन भर मेहनत करता है वह धुप में ही सोता है ।

दिल की आवाज़

यह कैसा अजीब शहर है यहाँ इमारतों की भीड़ है
दिल ढूंढता है एक जगह एकांत सी
पर शहर को मंज़ूर नहीं मेरे दिल की
हमने भी हार नहीं मानी
निकल पड़े जब दुनिया सो रही थी
और मिल गयी जगह एकांत सी