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Life Writing

अंत

हर सांस अंत की शुरुवात है
आखरी सांस ही अंत है
कोई सांस का हिसाभ है?
सिर्फ कर्मो की निशांनी रह जाती है
वह भी कुछ सालों में कहीं गुम हो जाती है
शायद कुछ निशान रह जाते है
पर उनका भी मतलब बदल जाता है
फिर कर्म क्यों?
फिर जीतने की तमना क्यों?