Categories
Life

दिल की आवाज़

यह कैसा अजीब शहर है यहाँ इमारतों की भीड़ है
दिल ढूंढता है एक जगह एकांत सी
पर शहर को मंज़ूर नहीं मेरे दिल की
हमने भी हार नहीं मानी
निकल पड़े जब दुनिया सो रही थी
और मिल गयी जगह एकांत सी